दोस्तों आपलोंगो को भूत की कहानी अच्छी लगती है या नहीं ? मुझे मालूम नहीं फिर भी इस कहानी को लिख रहा हूँ उम्मीद है आपलोंगो को पसंद आएगा !
यह कहानी हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश के बस्तर डिस्ट्रिक्ट की है !ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में बस्तर और दंतेवाड़ा जिले पहले बस्तर की रियासत राज्य का हिस्सा था । इसकी स्थापना 14 वीं शताब्दी की शुरुआत में वारंगल (तेलंगाना) के काकातिया राजा प्रताप रुद्र देव के भाई अन्नाम देव ने की थी। 1947 में भारतीय आजादी के बाद, बस्तर और कांकेर के रियासतों ने भारत सरकार से समझौता किया था, और विलय कर दिए गए थे ! मध्यप्रदेश राज्य के बस्तर जिले का निर्माण जिला, जिसमें 39114 वर्ग किमी का क्षेत्र था,जो भारत में सबसे बड़ा डिस्ट्रिक्ट था ! बस्तर डिवीजन छत्तीसगढ़ राज्य का प्रशासनिक विभाजन है। इसमें बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और कांकेर के जिले शामिल हैं। बस्तर जिला मध्य भारत में छत्तीसगढ़ राज्य का एक जिला है। जगदलपुर जिला मुख्यालय है।
दोस्तों आप लोंगो को तो मालूम होगा की २०१३ से १५ दो साल मैंने बिल्डिंग वाटर प्रूफिंग केमिकल्स का मार्केटिंग किया था ! इस दौरान मुझे कुछ लेखा अधिकारियो का मदत लेना पड़ा था क्यू की वह लोग जिन बिल्डिंग कांट्रेक्टर का काम करते थे मेरा केमिकल बेचने में मदत करते थे ! ऐसे ही एक लेखा अधिकारी ने मुझसे प्रार्थना की मै भी उनके साथ जगदलपुर आडिट करने चलु क्यू की उन्हें भूतो से डर लगता है ! मैंने कहा भाई मेरे मै टेक्निकल ऑडिट करता हूँ, फाइनेंसियल ऑडिटिंग नहीं जानता ! मेरे मित्र ने कहा आप हमारे बॉस हैं आपको सिर्फ आर्डर देना है काम तो सब मै करूंगा ! ठेकेदार साहब ने मेरे खातिर बढ़िया गेस्ट हाउस रिज़र्व रक्खा था ! मेरे मित्र को दुसरे जगह जमा दिया था !
रात के भोजन के बाद ठेकेदार साहब (देबब्रत साहू ) मेरे कमरे में आये और बोले साहेब आप लोग मेरे इलाके में नए आये हैं इस लिए मै आप लोंगो को सचेत करता हूँ की कोई लफड़ा मत कीजियेगा ! पुराना रिपोर्ट देख लीजियेगा उसमे जैसा है वैसा ही बनाइयेगा मैंने कहा ठीक है कल शाम आप से बात करेंगे !
ठेकेदार की बाते सोचते हुए मै सो गया था ! अचानक खुट की एक आवाज़ हुई और मै बोला कौन है !
एक धीमी सी आवाज़ आई मै हूँ ! मैंने कहा दरवाज़ा तो बंद है तुम अंदर कैसे आये ? उसने कहा मैतो यही रहता हूँ , और दरवाज़ा हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता है ! अब मुझे लगा मै कोई बर्फ के सिल्ली पर लेटा हुआ हूँ ! मुझे एहसास होने लगा की मै भूत के साथ हूँ ! उसने कहा तुम मुझसे डरो मत मै तुम्हे कोई नुकसान नहीं पहुँचाऊँगा ! उसने फिर कहा तुम मुझे देखना चाहोगे ? मैंने कहा हाँ !
भूत ने कहा मेरा नाम बिष्नु ब्रत है ! मै देवब्रत का छोटा भाई हूँ, तुम हल्का लाइट जलाओ तब मुझे देख पाओगे ! लाइट जलने पर मैंने देखा एक २४/२५ साल का सूंदर सा आदमी सोफे पर बैठा है !
मैंने बिष्नु ब्रत को नमस्कार किया और कहा मै जिंदगी में पहला मर्तबा किसी भूत को देख रहा हूँ और वह भी निर्भय होकर,लेकिन मै आपका भूत बनने का इतिहास जानना चाहता हूँ !
बिश्णुब्रत की कहानी---हम दोनों भाई पढाई खत्महोने के बाद पिताजी के काम में हाँथ बटाते थे ! कुछदिनों के बाद देबब्रत को शराब, ड्रग और जुए की लत लग गई ! उसका मन काम में नहीं लगता था वह एकदिन जुए में पचास हज़ार रूपए हार गया और घर आकर पैसे मांगने लगा ! पिताजी का ब्यापार चौपट होने लगा था ! पिताजी इतना पैसा कहा से लाते ? तब उसने पिताजी को गाली देने लगा ! इस घटना से पिताजी को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई ! देबब्रत अपना पुश्तैनी कारोबार छोड़ ड्रग और असला का गैर क़ानूनी धंधा चालू करदिया था और खूब पैसा कमाकर ठेकेदारी का काम करने लगा ! उसके बुरे आदतों के लिए उसकी शादी नहीं हो रही थी ! लेकिन मेरी शादी मेरी बचपन के साथी निशा से होने वाली थी ! शादी होने के पहले देबब्रत बैचलर्स पार्टी इसी गेस्ट हाउस में दिया और मुझे मार कर इसी कमरे के निचे गाड़ दिया ! उसने एक झूठा पत्र मेरे नाम से लिखा की मै सब कुछ त्याग कर सन्यासी होकर हिमालय जा रहा हूँ ! मेरे इस अचानक सन्यासी होने से निशा को गहरा मानसिक धक्का लगा ! देबब्रत ने निशा के पिता माता को सन्देश भेजा की वह निशा से शादी कर सकता है अगर उन लोंगो को कोई आपत्ति न हो तो !
निशा के परिवार वालोने प्रपोजल को मानलिया और निशा की शादी देबब्रत से हो गई !इस घटना को हुए करीब २५ साल हो गए है लेकिन निशा आजभी संताप से गुजर रही है !
बिष्नु ने मुझे कहा आप दो रिपोर्ट बनाइये एक जैसा देबब्रत चाहता है और दूसरा उसका वह रिपोर्ट जो आप चाहते है ! उसके हर गुनाहो का असली दस्ताबेज मै आपको दूंगा ! आप दोनों रिपोर्ट में उसका दस्तखत ले लीजियेगा ! वह आपका कोई मुकसान नहीं पहुंचा पायेगा !
आपको मेरे लिए सिर्फ एक काम करना पड़ेगा ! मैंने पूंछा वह क्या ? बिष्नु ब्रत बोलै कल सबेरे आप देबब्रत के घर जाकर निशा जी से मिलकर उन्हें सारी बात बताइयेगा और कहियेगा मै सन्यासी नहीं बना था मेरी हत्या हुई थी !
निशा की कहानी ----- मै दुसरे दिन सबेरे देबब्रत के घर गया, लेकिन वह घर में नहीं था, कर्मचारियों ने कहा आप चाहे तो उनकी पत्नी से बात कर सकते है ! थोड़ी देर बाद निशा देबी आगई और आते ही मुझसे पूंछा आप को क्या चाहिए ! मैंने अपना परिचय दिया और उनसे कहा मै आप सेही मिलने आया हूँ आप को एक खास समाचार देने के लिए ! उन्होंने मुझसे समाचार पूंछा और मैंने उन्हें सारी बात बता दिया ! निशा देबी ने कहा मुझे पूर्ण बिश्वास था की बिष्नु ब्रत कभी भी मुझे और अपने बच्चे को छोड़ कर कभी भी सन्यासी नहीं बन सकते ! मैंने इस शादी को स्वीकार किया क्यू की अगर देबब्रत को यह पता लगता की मेरा संतान बिष्नु का है तो वह उसको भी मार देता !
यह कहानी हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश के बस्तर डिस्ट्रिक्ट की है !ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में बस्तर और दंतेवाड़ा जिले पहले बस्तर की रियासत राज्य का हिस्सा था । इसकी स्थापना 14 वीं शताब्दी की शुरुआत में वारंगल (तेलंगाना) के काकातिया राजा प्रताप रुद्र देव के भाई अन्नाम देव ने की थी। 1947 में भारतीय आजादी के बाद, बस्तर और कांकेर के रियासतों ने भारत सरकार से समझौता किया था, और विलय कर दिए गए थे ! मध्यप्रदेश राज्य के बस्तर जिले का निर्माण जिला, जिसमें 39114 वर्ग किमी का क्षेत्र था,जो भारत में सबसे बड़ा डिस्ट्रिक्ट था ! बस्तर डिवीजन छत्तीसगढ़ राज्य का प्रशासनिक विभाजन है। इसमें बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और कांकेर के जिले शामिल हैं। बस्तर जिला मध्य भारत में छत्तीसगढ़ राज्य का एक जिला है। जगदलपुर जिला मुख्यालय है।
दोस्तों आप लोंगो को तो मालूम होगा की २०१३ से १५ दो साल मैंने बिल्डिंग वाटर प्रूफिंग केमिकल्स का मार्केटिंग किया था ! इस दौरान मुझे कुछ लेखा अधिकारियो का मदत लेना पड़ा था क्यू की वह लोग जिन बिल्डिंग कांट्रेक्टर का काम करते थे मेरा केमिकल बेचने में मदत करते थे ! ऐसे ही एक लेखा अधिकारी ने मुझसे प्रार्थना की मै भी उनके साथ जगदलपुर आडिट करने चलु क्यू की उन्हें भूतो से डर लगता है ! मैंने कहा भाई मेरे मै टेक्निकल ऑडिट करता हूँ, फाइनेंसियल ऑडिटिंग नहीं जानता ! मेरे मित्र ने कहा आप हमारे बॉस हैं आपको सिर्फ आर्डर देना है काम तो सब मै करूंगा ! ठेकेदार साहब ने मेरे खातिर बढ़िया गेस्ट हाउस रिज़र्व रक्खा था ! मेरे मित्र को दुसरे जगह जमा दिया था !
रात के भोजन के बाद ठेकेदार साहब (देबब्रत साहू ) मेरे कमरे में आये और बोले साहेब आप लोग मेरे इलाके में नए आये हैं इस लिए मै आप लोंगो को सचेत करता हूँ की कोई लफड़ा मत कीजियेगा ! पुराना रिपोर्ट देख लीजियेगा उसमे जैसा है वैसा ही बनाइयेगा मैंने कहा ठीक है कल शाम आप से बात करेंगे !
ठेकेदार की बाते सोचते हुए मै सो गया था ! अचानक खुट की एक आवाज़ हुई और मै बोला कौन है !
एक धीमी सी आवाज़ आई मै हूँ ! मैंने कहा दरवाज़ा तो बंद है तुम अंदर कैसे आये ? उसने कहा मैतो यही रहता हूँ , और दरवाज़ा हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता है ! अब मुझे लगा मै कोई बर्फ के सिल्ली पर लेटा हुआ हूँ ! मुझे एहसास होने लगा की मै भूत के साथ हूँ ! उसने कहा तुम मुझसे डरो मत मै तुम्हे कोई नुकसान नहीं पहुँचाऊँगा ! उसने फिर कहा तुम मुझे देखना चाहोगे ? मैंने कहा हाँ !
भूत ने कहा मेरा नाम बिष्नु ब्रत है ! मै देवब्रत का छोटा भाई हूँ, तुम हल्का लाइट जलाओ तब मुझे देख पाओगे ! लाइट जलने पर मैंने देखा एक २४/२५ साल का सूंदर सा आदमी सोफे पर बैठा है !
मैंने बिष्नु ब्रत को नमस्कार किया और कहा मै जिंदगी में पहला मर्तबा किसी भूत को देख रहा हूँ और वह भी निर्भय होकर,लेकिन मै आपका भूत बनने का इतिहास जानना चाहता हूँ !
बिश्णुब्रत की कहानी---हम दोनों भाई पढाई खत्महोने के बाद पिताजी के काम में हाँथ बटाते थे ! कुछदिनों के बाद देबब्रत को शराब, ड्रग और जुए की लत लग गई ! उसका मन काम में नहीं लगता था वह एकदिन जुए में पचास हज़ार रूपए हार गया और घर आकर पैसे मांगने लगा ! पिताजी का ब्यापार चौपट होने लगा था ! पिताजी इतना पैसा कहा से लाते ? तब उसने पिताजी को गाली देने लगा ! इस घटना से पिताजी को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई ! देबब्रत अपना पुश्तैनी कारोबार छोड़ ड्रग और असला का गैर क़ानूनी धंधा चालू करदिया था और खूब पैसा कमाकर ठेकेदारी का काम करने लगा ! उसके बुरे आदतों के लिए उसकी शादी नहीं हो रही थी ! लेकिन मेरी शादी मेरी बचपन के साथी निशा से होने वाली थी ! शादी होने के पहले देबब्रत बैचलर्स पार्टी इसी गेस्ट हाउस में दिया और मुझे मार कर इसी कमरे के निचे गाड़ दिया ! उसने एक झूठा पत्र मेरे नाम से लिखा की मै सब कुछ त्याग कर सन्यासी होकर हिमालय जा रहा हूँ ! मेरे इस अचानक सन्यासी होने से निशा को गहरा मानसिक धक्का लगा ! देबब्रत ने निशा के पिता माता को सन्देश भेजा की वह निशा से शादी कर सकता है अगर उन लोंगो को कोई आपत्ति न हो तो !
निशा के परिवार वालोने प्रपोजल को मानलिया और निशा की शादी देबब्रत से हो गई !इस घटना को हुए करीब २५ साल हो गए है लेकिन निशा आजभी संताप से गुजर रही है !
बिष्नु ने मुझे कहा आप दो रिपोर्ट बनाइये एक जैसा देबब्रत चाहता है और दूसरा उसका वह रिपोर्ट जो आप चाहते है ! उसके हर गुनाहो का असली दस्ताबेज मै आपको दूंगा ! आप दोनों रिपोर्ट में उसका दस्तखत ले लीजियेगा ! वह आपका कोई मुकसान नहीं पहुंचा पायेगा !
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निशा की कहानी ----- मै दुसरे दिन सबेरे देबब्रत के घर गया, लेकिन वह घर में नहीं था, कर्मचारियों ने कहा आप चाहे तो उनकी पत्नी से बात कर सकते है ! थोड़ी देर बाद निशा देबी आगई और आते ही मुझसे पूंछा आप को क्या चाहिए ! मैंने अपना परिचय दिया और उनसे कहा मै आप सेही मिलने आया हूँ आप को एक खास समाचार देने के लिए ! उन्होंने मुझसे समाचार पूंछा और मैंने उन्हें सारी बात बता दिया ! निशा देबी ने कहा मुझे पूर्ण बिश्वास था की बिष्नु ब्रत कभी भी मुझे और अपने बच्चे को छोड़ कर कभी भी सन्यासी नहीं बन सकते ! मैंने इस शादी को स्वीकार किया क्यू की अगर देबब्रत को यह पता लगता की मेरा संतान बिष्नु का है तो वह उसको भी मार देता !
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