Thursday, December 17, 2020

 এ মিডসামার নাইটস ড্রিম ! এক মধ্য গ্রীষ্মের রাত্রির স্বপ্ন ! (পরী কাহিনী)


ড; প্রদীপ কুমার মৈত্র ১৭/১২/২০
এ মিডসামার নাইট'স  ড্রিম উইলিয়াম শেকসপিয়র (ব্যা ২৬ এপ্রিল, ১৫৬৪; মৃত্যু ২৩ এপ্রিল, ১৬১৬) লিখিত একটি কমেডি। মনে করা হয়, এটি ১৫৯০ থেকে ১৫৯৬ সালের মধ্যবর্তী কোনো এক সময় লিখিত হয়। এথেন্সের ডিউক থিসিয়াস ও আমাজনদের রানি হিপ্পোলিটার বিবাহের পারিপার্শ্বিক ঘটনা অবলম্বনে এই নাটক রচিত। নাটকে দুই প্রণয়ীযুগল ও একদল শখের অভিনেতার অ্যাডভেঞ্চার প্রদর্শিত হয়েছে। "পরী "রা কীভাবে এদের চালনা করে, তা-ই নাটকের মূল উপজীব্য। এটি শেকসপিয়রের অন্যতম জনপ্রিয় নাটক ও সারা বিশ্বে অভিনীত।

চরিত্র

১]এথেনীয় চরিত্র:
থিসিয়াস--এথেন্সের রাজা হিপ্পোলিটা-- আমাজনদের রানি ও থিসিয়াসের বাগদত্তা ইজিয়াস-- হার্মিয়ার বাবা, তিনি জোর করে ডিমেট্রিয়াসের সঙ্গে হার্মিয়ার বিয়ে দিতে চান লাইস্যান্ডার-- নাটকের সময়ভেদে হার্মিয়া অথবা হেলেনার প্রেমিক হেলেনা--ডিমেট্রিয়াসের প্রেমিকা ডিমেট্রিয়াস-- নাটকের সময়ভেদে হার্মিয়া অথবা হেলেনার প্রেমিক হার্মিয়া-- লাইস্যান্ডারের প্রেমিকা ফিলোস্ট্রেট-- রাজার বিনোদন সভাসদ ২]অলৌকিক চরিত্র:
ওবেরন-- পরীদের রাজা টাইটানিয়া-পরীদের রানি পাক রবিন গুডফেলো--ওবেরনের পরিচারক টাইটানিয়ার পরী পরিচারিকাবৃন্দ (বটমের মনোরঞ্জনকারিণী): পিসব্লসম--পরী, কবওয়েব--পরী, মথ--পরী, মাস্টার্ডসিড--পরী, ৩]অভিনেতার দল
(দ্য মেকানিক্যালস নামেও পরিচিত): পিটার কুইন্স--ছুতোর, দলের সর্দার নিক বটম, তাঁতি; তিনি দলের প্রযোজনা পিরামিস ও থিসবি-- নাটকে পিরামিসের ভূমিকায় অভিনয় করেন ফ্রান্সিস ফ্লুট, হাপর-সারাইকারী, থিসবির ভূমিকায় অভিনয় করেন রবিন স্টার্ভলিং, দরজি, মুনশাইন বা চন্দ্রালোকের ভূমিকায় অভিনয় করেন টম স্নট, কেটলি-মেরামতকারী, পাঁচিলের ভূমিকায় অভিনয় করেন স্নাগ, কাষ্ঠশিল্পী, সিংহের ভূমিকায় অভিনয় করেন

ম 







Communication of information 
संचार पारस्परिक रूप से समझे जाने वाले संकेतों, प्रतीकों और अर्ध-नियमों के उपयोग के माध्यम से एक इकाई या समूह से दूसरे तक पहुंचने को कहते  है।
 কিভাবে মানুষের মস্তিষ্ককে  একটি কম্পিউটারের সাথে তুলনা করা যেতে পারে ?https://www.crucial.com/blog/technology/how-does-the-human-brain-compare-to-a-computer

 আমরা এমন এক পৃথিবীতে বাস করি যেখানে কম্পিউটারের ক্ষমতা মানুষের ক্ষমতা থেকে ছাড়িয়ে যেতে পারে যেমন দাবা, গো (গেম) খেলার মধ্যে আমরা দেখতে পাই !এমনকি সম্ভাব্য কৃত্রিম বুদ্ধিমত্তা (এ আই) এবং মেশিন লার্নিং (এম এল) সারাক্ষণ বিরাট সাফল্য-অর্জন করছে, আমরা ভাবছি যে আমরা শীঘ্রই কোনও প্রযুক্তিগত ইউটোপিয়ায় (কল্পরাজ্যে) বাস করব বা বেঁচে থাকার জন্য লড়াই করবো একজন সাইবার্গ আর্নল্ড এর মতন পালোয়ানের বিরুদ্ধে ! কিন্তু কম্পিউটারগুলি কি মানুষের মস্তিস্ককে সামগ্রিকভাবে ছাড়িয়ে যেতে পারে ? আমরা কম্পিউটারকে অ-পেশাদার ব্যবহারের জন্য ব্যক্তিগত ডেস্কটপ হিসাবে সংজ্ঞায়িত করি (অর্থাত্ 24/7 চলমান একটি সার্ভার নয়কি)।এবং বিষয়গুলি সহজ রাখতে, আমরা তুলনা করতে পারি চারটি সীমাবদ্ধ ক্ষেত্রে:

ভাণ্ডাৰণ স্টোরেজ প্রসেসিং গতি স্মৃতি শক্তিদক্ষতা

স্টোরেজ-কম্পিউটার ডেটা স্টোরেজ এমন একটি প্রযুক্তি যা কম্পিউটার উপাদান এবং রেকর্ডিং মিডিয়া সমন্বিত যা ডিজিটাল ডেটা ধরে রাখতে ব্যবহৃত হয়। এটি কম্পিউটারের একটি মূল ফাংশন এবং মৌলিক উপাদান !প্রতিদিন ব্যবহারের জন্য, বেশিরভাগ কম্পিউটার ব্যবহারকারী 500 জিবি স্টোর করতে পারেন। ক্রিয়েটিভ-টেকনোলোজিস্টরা, দাবা-খেলোয়াড়রা (বা গেমারস) এবং অন্যান্য ভারী-ডেটা ব্যবহারকারীরা প্রায়শই ক্লাউড-কম্পিউটিং এর  উপর অথবা  কোনও পোর্টেবল সলিড-স্টেট ড্রাইভে  (SSD)  অতিরিক্ত স্টোরেজ ক্ষমতার ওপর  নির্ভর করে থাকে । তর্কের খাতিরে, আমরা কম্পিউটারকে গড়ে 1TB স্টোরেজ স্পেস যুক্ত বলে ধরে নিতে পারি ।মস্তিষ্কের ভাণ্ডারন ক্ষমতা কতটা ? আমাদের ব্রেন কতটা ভাণ্ডারন (স্টোর) করতে পারে? ঠিক আছে, এটি জটিল।আমাদের মস্তিষ্কে নিউরন বা স্নায়ু কোষ আছে  একটি বৈদ্যুতিক উত্তেজক কোষ যা সিগন্যাল সঞ্চার করতে স্বক্ষম !সাধারণ মস্তিষ্কে কতগুলি স্নায়ু কোষ বা নিউরন রয়েছে তার অনুমানের পরিমাণ পৃথক পৃথক বা ভিন্ন ভিন্ন । অনেক গবেষণকরা মনে করেন নিউরণের সংখ্যা  100 বিলিয়নের উপর নির্ভর করে, আবার  স্ট্যানফোর্ড বিশ্ববিদ্যালয়ের একটি গবেষণা অনুমান করে যে মস্তিষ্কে আসলে 200 বিলিয়ন নিউরন রয়েছে।

You might be thinking, “Wait, the computer has bytes and the brain has neurons. How do we compare the two?”

One marked difference between the human brain and computer flash memory is the ability of neurons to combine with one another to assist with the creation and storage of memories. Each neuron has roughly a thousand connections to other neurons. With over a trillion connections in an average human brain, this overlap effect creates an exponentially larger storage capacity.

Based on our understanding of neurons today, which is very limited, we would estimate the brain’s storage capacity at 1 petabyte, which would be the equivalent of over a thousand 1TB SSDs.



भय

दोस्तों नमस्कार, मेरे सभी सहकर्मी मित्र लोग जानते थे और जानते हैं की मैं भूत प्रेत से डरता नहीं हूँ ! क्यू की मैं जनता हूँ कि डर एक नकारात्मक भावना है। डर संभावित खतरे के लिए एक सहज वृत्ति प्रतिक्रिया के रूप में पूर्व क्रमादेशित एक अनुमान है। यह भावना हमेशा परिस्थिति के अनुकूल नहीं होता है। यह कई रूपों में प्रकट होता है। हर मनुष्य का जीवन डर से जीत के लिए एक संघर्ष करता रहता है। डर के विपरीत, निडरता एक मन की जागरूकता है। डर के सबसे शक्तिशाली जनक है मन में मृत्यु की अवधारणा। डर हम सब एक ही तरह से महसूस करते हैं। यह अनुभूति बाल्यकाल में सबसे पहले जागृत किया जाता है। ज्यादातर लोगों को डर एक अप्रिय भावना लगती है। खतरे की उपस्थिति या निकटस्थता की वजह से एक बहुत अप्रिय भावना को डर केहते हैं। भय, मानव प्रजाति द्वारा अनुभव किया जाता है, यह एक पूरी तरह से अपरिहार्य भावना है। मैं ऐसी एक घटना आप लोंगो को सुनाता हूँ-
BALCO के शुरुआती दौर में, R & C लैब जो श्री बिमलेन्दु रॉय साहब के देख रेख में वनी थी एक तिमंजिला बिल्डिंग था, जिसमे लोहे की खिड़की दरवाजे थे ! एक लिफ्ट का प्राभधान तो था किन्तु उसे ब्लॉक कर रखा गया था और सब लोग सीढ़ी से ही ऊपर निचे आते जाते थे !उस समय हमारे सभी स्टाफ लोकल स्नातक थे जिन्हे नौकरी के बारे में कोई अनुभब नहीं था ! RCL प्रमुख डॉ दत्ता थे ! पहले तो सभी स्टाफ जनरल शिफ्ट में आते थे और लैब में ट्रेनिंग लेते थे !कुछ दिनों के उपरान्त हमारे प्रभुख ने कहा हमें सारे स्टाफ को काम के अलावा बिभिन्न शिफ्ट में काम करना, रात जागना और अकेले सून सान बिल्डिंग के तिमंजीले में रात ब्यतीत करना सीखना होगा ! उन्होंने अफसर लोंगो से कहा आप लोग चुपके चुपके आकर देंखेगे यह लड़के अकेले रात बिताने में सक्छम है की नहीं ! अतः लड़कियों को छोड़कर सभी लड़को को तीनो शिफ्टों में बाँट दिया गया ! और तीसरे मंज़िल में प्रयोगशाला का काम चालू हुआ ! हम लोंगो ने surprise चेकिंग में पाया की रात के समय,
लड़के सब ग्राउंड फ्लोर उतर आते थे ! समीक्षा करने पर पता चला की तिमंजिले में भूत का निवास है ! और यह भी पता चला की इस बिल्डिंग में किसी श्रमिक का देहांत हुआ था वेल्डिंग मशीन के करंट लगने से ! और वह तिमंजिले में रहता है और वह रात को बच्चे की आवाज़ में रोता है, कभी कभी दरवाज़ा खिड़की की खुलने और बंद होने की आवाज़ आती है ! डाक्टर दत्ता बोले यह सब फालतू बाते हैं हम लोग सब यहीँ रहेंगे अगर रात को बच्चा नहीं रोया तो झूठा भ्रम फ़ैलाने के लिए दण्डित किया जायेगा ! उस रात हमलोंगो ने देखा रात को ख़ामोशी छा जाती है तब हलकी सी आवाज़ आती है जिसे एक बच्चे की रोने की तरह माना जा सकता है ! अतः हम आवाज़ की उत्पत्ति कहाँ से हो रही जानने के लिए हर कमरे का दरवाज़ा खोलना शुरू किया और अंत में एक कमरा मिला जिसको खोलने से आवाज़ का उत्स का पता चला ! उस कमरे की कुछेक लोहे की खिड़किया खुली हुई थी और हवा से वह खुलती और बंद हो रही थी जिससे एक बच्चे के रोने के सामान आवाज़ निकल रही थी ! इसके बाद भूत का भय लैब से गायब हो चूका था !और तीसरे मंज़िल में भी काम सब ठीक ठाक चल रहा था, इसी बीच तीसरी मंज़िल में फिर भूत का प्रकोप दिखाई दिया ! लड़को का कहना था की तीसरी मंज़िल में बहुत सारे भूत दौड़ते हुए आते हैं और गायब हो जाते हैं ! डाक्टर साहब यह सब बाते सुनकर कर बोले रात को तीसरी मंज़िल में एक सिक्योरिटी गार्ड को लगा दिया ! गार्ड बिचारा शिफ्ट इंचार्ज के सामने बैठा रहता था ! एकदिन उसने दौड़ते हुए भूत को देखा और भूत भूत चिल्लाते हुए सीढ़ियों को अनियंत्रित होकर लांघते हुए उतारते उतारते गिर पड़ा और दादारे /माइरे कहते हुए बेहोश हो गया ! गार्ड को हॉस्पिटल पहुंचाया गया !लैब के सबलोग परेशान हो गए थे की कैसे तीसरी मंज़िल में ड्यूटी करे ? डाक्टर साहब ने हमसे कहा की मैं कोई कहानी सुनने के लिए तैयार नहीं हूँ ! एक दिन के अंदर भूत की कहानी समाप्त करो नहीं तो अनुशाशणात्मक कारबाई की जायगी ! मरता क्या न करता, मैं रात के शिफ्ट में आकर शिफ्ट रूम में बैठ गया ! जाड़े का महीना था कमरे में हीटर चल रहा था लड़कोने कहा सर दरवाज़ा बंद कर देते हैं मैंने कहा नहीं अगर दरवाज़ा बंद कर डोज तो मैं भूत को पकडूँगा कैसे ? वह लोग दर रहेथे देख कर मैं ने दरवाज़ा बंद करने की अनुमति दे दी और मैं कमरे के बहार आकर गलियारेमें चहल कदमी करने लगा तब मैंने देखा की गलियारे में रौशनी की बिलकुल कमी है ! मैंने बरांडे की सब स्विच दबाया लेकिन कोई भी बत्ती नहीं जली ! फिर मैं गलियारे के अत्रिम छोर जा पहुंचा और देखा दीवार काटकर हवा और रौशनी आने के लिए लम्बी लम्बी चैनल करीब ८ फिट लम्बा छै चैनल बना दिया गया था और उसके ऊपर थोड़ा गैप देकर एक एक फिट लम्बाई का छै चॅनेल बने हुए थे ! चॅनेल से मैंने बाहर के तरफ देखा, वहां से BALCO का गराज साफ दिखाई दे रहा था ! मैं ग्रिल यानि वेंटीलेटर के पास से हटकर शिफ्ट रूम के सामने आगया ! इसी वख्त मैंने देखा पांच छै साये भागते हुए मेरे तरफ आ रहे हैं , और देखते ही देखते गायब हो गए ! अब मुझे भूत का रहस्य समझ में आगया ! यह भागता हुआ परछाई उस चलती हुई जीप गाड़ी के हेड लाइट से निकली रौशनी वेंटिलेटर चॅनेल का परछाई था जो गलियारे के दीवाल पर दौड़ती हुई प्रतीत होती थी ! परछाई दो हिस्से में थी चॅनेल का ऊपरी हिस्सा मस्तक और निचे का हिस्सा शरीर का आभास देता था !जब कोई जीप गाड़ी गराज में घुसती थी तो उसका हेड लाइट जलता रहता था और जब गाड़ी घुमाकर बंद करता था तब भूत भी गायब हो जाता था ! तत्पश्चात मैं लैब में घुसकर कागज पर गलियारे का प्रतिरूप कागज पर कैची से छिद्र बनाकर तैयार किया , फिर कमरे का लाइट बंद कर टोर्च की रौशनी कागज के पीछे से दीवाल पर प्रतिस्फलित होने दिया ! यह देखकर प्रशिक्षु लड़को को कुछ हद तक बात समझ में आई ! इसके बाद मैं गैराज जाकर जीप ड्राइवर को बताया जब मैं ऊपर से सिटी बजाऊंगा तब तुम गेट के अंदर घुसकर गाड़ी को खड़ी हालत में हेड लाइट को जलाना और जब मैं दूसरा सिटी बजाऊ तब गाडीको खूब धीरे धीरे चलाना ! इसके बाद गाड़ी गेट के बाहर ले जाना और जैसे तुमलोग रोज घुसते हो उसीतरह गाराज में घुसना ! सब लड़कोने इस प्रयोग को देखा और प्रफुल्लित हो गए ! उनके मन से भूत का आतंक ख़त्म हुआ इस प्रयोग से सभी प्रशिक्षु संतुष्ट होकर ड्यूटी करने लगे !

 सबसे पहले, मैं आपको बतलाना चाहता हूँ की यह एक कहानी नहीं है, इसलिए इसे  कहानी के रूप में सोचने की चेष्टा न करें।
चावल गया मस्तक का आभास देता था 
 मेरी मां यह बात कहती थीं !  कभी किसी का भोजन नहीं खा लेना चाहिए ! काश यह बात मै पहले सोचता ! मैं सभी बुजुर्गो के बारे में सोचता था।उन लोंगो के कथन में सब कुछ बेकार नहीं था । उनके द्वारा बताये  घटनाओ में  कुछ घटनाएं ऐसे भी हैं जो निर्णय से परे हैं, जिसे मैं आज कह रहा हूं। अपनी ही आँखों से देख कर तभी रहा हूँ।अगर कोई मर जाता है तो? मृत्यु के बाद, मृतआत्मा, उसका पसंदीदा भोजन चावल (भात) खाने के उद्देश्य से  अपने परिवार के पास आता है ! ऐसा उम्मीद की जाती है कि मृतआत्मा आकर वह खाना खा लेगा। एक दिन हम तीन दोस्त तालाब के किनारे बैठे बातें कर रहे थे। वहां किसी परिवार के सदस्यों ने अपने घर में मरने वाले किसी व्यक्ति के लिए तालाब के घाट के बगल में एक अंधेरी जगह में भात रख दिया था, जंहा हम तीन उस स्थान से थोड़ी दूर बैठे थे और बातें कर रहे थे !

हम कह रहे थे कि देखो उनलोगो ने कितना सारा खाना रख दिया है। जब यह चर्चा  चल रही थी, मृत ब्यक्ति का परिवार घाट से जा चूका था। अचानक मैंने देखा कि कुछ लड़के और एक लड़कि घाट में  गप्प मारने आए थे। ज्यादा शराब पीने से  वे सभी नशे में थे। लड़की ने कहा कोई भी अँधेरे स्थान पर रक्खे उस भोजन को खाने के लिए ललचा सकता है, और मई खाउंगी । लेकिन उनके दोस्तों ने यह कहते हुए रोकने की कोशिश की कि वो लोग खाना नहीं खाएंगे, यह खाना यहाँ किसी ने छोड़ दिया है कुत्तो बिल्लिओ के खाने के लिए । लेकिन लड़की ने कहा कि मैंने सुबह से खाना नहीं खाया है। यदि तुमलोग नहीं खाना चाहते, तो मेरे साथ रहो हम बाते  करते करते खाएंगे !  उसके दोस्तों ने भी मजबूर नहीं किया, और वह अपने दोस्तों के बगल में बैठ कर खाना खाती रही और बातचीत कर रही थी । हमने यह सब देखा  और फिर हम अपनी गप्पशप  में व्यस्त हो गए थे। हमने यह भी माना की बेरोजगारी  की समस्याए इतनी ज्यादा है की लोगबाग छोड़े हुए भोजन को भी खा रहे हैं ! देश का क्या होगा?हमने कहा  उन्हें उनके जैसा रहने दो, हम जैसे हैं वैसे ही रहते हैं।  हम मच्छरों के उपद्रव में भी तंग हो गए थे ।

অতিপ্রাকৃত Supernatural  গন্ধ বোধ   

 গন্ধ এক বা একাধিক Volatile উদ্বায়ী রাসায়নিক যৌগগুলির দ্বারা সৃষ্ট হয় যা সাধারণত কম মাত্রাতে পাওয়া যায় যা মানুষ এবং অন্যান্য প্রাণী তাদের অনুভূতি দ্বারা  গন্ধ উপলব্ধি করতে পারে  যা একটি আনন্দদায়ক যেমন ফুলের গন্ধ , বা অপ্রীতিকর যেমন পচা মাংসের গন্ধ অথবা কোনো বিশিষ্ট বস্তুর যেমন বইয়ের গন্ধকে বোঝায়। নাসিকা বা নাক হল আমাদের ঘ্রাণেন্দ্রিয় । এই নাকের গহ্বরের শেষ প্রান্তে  অবস্থিত আছে ঘ্রাণ-ঝিল্লি [Olfactory epithelium] ঘ্রাণ ঝিল্লিতে অবস্থিত বাইপোলার স্নায়ু কোষ বা অলফ্যাক্টরি কোষ ঘ্রাণ গ্রাহক হিসেবে কাজ করে । • ঘ্রাণ [Smell] বহিরাগত কোনো রকম গন্ধ গ্যাসীয় মাধ্যমে নাসা-গহ্বরে প্রবেশ করলে নাসিকার অলফ্যাক্টরি অংশ থেকে নিঃসৃত গ্রন্থিরসে দ্রবীভূত হয়ে বাইপোলার স্নায়ুকোষগুলিকে উত্তেজিত করে । এই উদ্দীপনা তখন অলফ্যাক্টরি স্নায়ুর মাধ্যমে মস্তিষ্কের ঘ্রাণ কেন্দ্রে প্রেরিত হয়, ফলে আমরা গন্ধটিকে অনুভব করতে পারি ।গন্ধের তীব্রতা  নিম্নলিখিত  ভাগে ভক্ত করা যেতে পারে:! 0 - গন্ধ বিহীন,1 অতি দুর্বল গন্ধ, 2 দুর্বল;3 -স্পষ্ট, 4 - শক্তিশালী5 - খুব শক্তিশালী, 6 - অসহনীয় এই পদ্ধতিটি পরীক্ষাগারে প্রয়োগ করা হয়  অতিপ্রাকৃত গন্ধ বোধ হলো এক রকম অতিরিক্ত গন্ধ বোধ করতে পারার ক্ষমতা ! স্বাভাবিকভাবে যা সম্ভব তার চেয়ে অনেক বেশি।অতিপ্রাকৃত শব্দটা হলো সংজ্ঞার উপ-শক্তি, বর্ধিত গন্ধ বোধের  উন্নত সংস্করণ।  

 

 গন্ধ -  সমবেদনশীলতা সংবেদন যে ফলাফল যখন নাকের ঘ্রাণগ্রাহী রিসেপ্টরগুলি গ্যাসীয় আকারে নির্দিষ্ট রাসায়নিক দ্বারা উদ্দীপিত হয়; "তিনি গোলাপের গন্ধ পছন্দ করতেন"

সমগ্র ইতিহাস জুড়ে মানবজাতির সেই  ক্ষণস্থায়ী ephemeral গন্ধগুলিকে প্রাপ্ত করার চেষ্টা করেছে যা তার জগৎকে পরিতৃপ্ত করে। অনেকগুলি গন্ধ এখনও অপ্রাপ্ত, তবে অনেক কিছু গন্ধ বিভিন্ন প্রক্রিয়াটির বিকাশ এবং পরিপূর্ণতার মাধ্যমে একত্রিত হয়েছে। আজকের উচ্চ প্রযুক্তির, বৈজ্ঞানিক বিশ্বে আমাদের কল্পনা করা কঠিন যে অনেকগুলি পদ্ধতি এখনও ব্যবহারযোগ্য বলে মনে হয় রসায়নবিদদের চেয়ে রসায়নবিদদের থেকে বেশি ণী (ওরিস ধরুন, উদাহরণস্বরূপ, আইরিস রাইজোমের শিকড়, পাতা এবং ফুল থাকতে হবে) সর্বনিম্ন তিন বছর ধরে শুকানোর আগে মুছে ফেলা হয় যার ফলস্বরূপ শক্ত, জীবাশ্মযুক্ত দেখতে পাথর তৈরি হয় in এটি এখন ওরিস হিসাবে পরিচিত এবং এর কোনও সত্য গন্ধ নেই it ইতিহাস সিদ্ধান্ত নিয়েছে এটিকে অ্যালকোহলে রাখবে এবং সেখানে এটি দুই বছর রেখে দেওয়া হবে Theআরিস অ্যালকোহলে দ্রবীভূত হয়, হলুদ বর্ণ ধারণ করে এবং মাখনের মতো দেখতে লাগে যা একটি গরম চুলার কাছে খুব বেশি ফেলে রাখা হয়েছিল। এটি এখন ওরিস মাখন, বা বেয়ার হিসাবে পরিচিত is ডিরিস, এবং চর্বিযুক্ত গন্ধযুক্ত, এবং অস্পষ্টভাবে কিছুটা ভায়োলেট-জাতীয় — এটি লুকিয়ে থাকা সৌন্দর্যের প্রথম আসল ঝলক or অরিস মাখন তেলটি বের করার চূড়ান্ত চিকিত্সা করে যা যা সত্যই এর গোপন রহস্য প্রকাশ করে না এটি অট এর সাথে একত্রিত হলেই হয় এর উপাদানগুলি যা এর সহজাত নরম, বিলাসবহুল, গুঁড়ো যাদু নিজেই প্রকাশ করে। আজ, ওরিস প্রক্রিয়াজাতকরণের পদ্ধতিটি আসলেই পরিবর্তিত হয়নি এবং এর কারণে এটি অন্যতম ব্যয়বহুল উপাদান।

ওরিস  তেল, গুঁড়ো ,শেকড় ,Orris root (rhizoma iridis) is a term used for the roots of Iris germanica and Iris pallida. It had the common name of Queen Elizabeth Root The most valued component of orris root is oil of Orris (0.1–0.2%), a yellow-white mass containing myristic acid. Oil of Orris is sometimes sold as Orris Butter. Other components include fat, resin, starch, mucilage, bitter extractive, and a glucoside called iridin or irisin. it is now used mainly as a fixative and base fixative is used to equalize the vapor pressures, and thus the volatilities, of the raw materials in a perfume oil, as well as to increase the tenacity.

note - in perfumery; it is the most widely used fixative for potpourri  Orris is also an ingredient in many brands of gin.Potpourri   is a mixture of dried, naturally fragrant plant materials, used to provide a gentle natural scent, commonly in residential settings. It is often placed in a decorative bowl.