मोटी
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मैना इस घर की बेटी है अब २५ साल की हो गई है और लम्बाई चौड़ाई में भी काफी इज़ाफ़ा हुआ है ! सरोज बाबू बैंक में अफसर है और ठीक ठाक कमा लेते हैं ! मैना जब छोटी थी तब मैना की माँ की मिर्तु हो गई थी और रमा देबी ने सरोज बाबू का घर सम्हाला था और मैना को पूरा माँ का प्यार दिया था यहाँ तक की छोटू के पैदा होने के बाद भी प्यार में कोई कमी नहीं आई ! छोटू जिसका असली नाम चिराग है १२बी का परीक्षा देगा ! मैना बचपन से ही पढ़ने में कमजोर थी , किसी तरह बी कॉम पास कर शार्ट हैंड सीखा है ! मैना सूंदर थी और गाना भी अच्छा गाती थी ! शादी की बात चली लेकिन कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आया लड़के वाले उसके आकार को देखकर सहम जाते थे ! सरोज बाबू खाना खाकर दफ्तर चले जाते थे और मैना पुरे घर के काम में माँ को मदत करती थी ! और बाहर का काम भी करती थी जैसे छोटू को कोचिंग क्लास पहुँचाना ! सब्जी लाना किराना का सामान लाना इत्यादि ! मोहल्ले के लड़के उसे सिटी बजा कर मोटी मोटी कहते थे और उसके पास आते ही भाग जाते,सिर्फ महेश नाम का एक लड़का था जो मोटी को पसंद करता था और उसे कभी टुनटुन और कभी भोजपुरी दरवान कहता था !
महेश मैना को जो कुछ भी कहता सामने कहता था !इसलिए मैना भी उसे पसंद करती थी !
मैना की शादी की चिंता रमा देबी को अंदर से खाये जाती थी ! वह अब मैना को डांटने लगी थी कभी सबेरे अपने बिस्तर पर बेढंगी से लेटे रहने पर तो कभी जोर जोर से बात करने पर तो कभी बाजार से देर में लौटने पर ! एक दिन रमा देबी ने कहा की तू किस काम की है ? न एक नौकरी जुगाड़ सकती है और न एक पति ? तेरे साथ की सब लड़किया या तो शादी कर ससुराल गई या फिर कोई जॉब करने लगी है !
इस घटना से मैना को दुःख हुआ लेकिन उसने इसका कोई उल्टा जबाब नहीं दिया क्यू की वह माँ की मन की ब्यथा समझ सकती थी ! थोड़े दिनों के बाद एक दिन रमा के पेट में बहुत दर्द होना चालू हुआ ! मैना ने माँ को अस्पताल ले गई और आपरेशन करवाया ! रमा देबी मैना को पकड़ कर खूब रोइ और कहा बेटी मुझे माफ़ करना मैंने तेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया है ! मैना बोली माँ तुम ऐसा मत कहो नहीं तो मै भी रोने लगूंगी ! तुम्हारे मन की हालत मै जानती हूँ तुम चाहती हो की जल्दी से मेरी शादी हो जाये, लेकिन माँ भाई अभी छोटा है और मेरे बाद तुमको देखने वाला कौन है ?
इसके बाद रमा ने कभी भी मैना को उलाहना नहीं दिया !
इसके थोड़े दिन बाद मोहल्ले में बहुत बड़ा सोशल फंग्शन का आयोजन किया गया और मैना को स्टेज पर गाने का नेउता मिला और मैना ने लताजी के तीन गाना प्रस्तुत किया जिसमें "ऐ मेरे बतन के लोगो जरा आँख में भरलो पानी" को लोंगो ने खूब सराहा ताली की गरगराहट से पूरा मोहल्ला गूंज उठा !
स्टेज से उतरने के बाद पत्रकारों ने मैना को घेर लिया कहा यह कलाकार अबतक कहाँ थी ?
थोड़ीदेर बाद महेश ने मैना को निकलते देखा और उसका रास्ता रोका और उसके गाने की प्रसंशा की ! मैना ने पहले सोचा यह जरूर मुझे कुछ उटपटांग कहेगा लेकिन महेश इसका बिपरीत निकला ! वह खुश होकर थैंक्स कहा !
महेश ने कहा तुम से एक बात करनी है मैना बोली बोलो !
महेश ने कहा प्राइवेट है और ब्यक्तिगत भी है ! मैना ने महेश को एक कोने में लेजाकर बोली अब कहो ! महेश बोला मेरी मोटी मैना मै तुमसे प्यार करता हूँ और शादी करना चाहता हूँ ! अगर मै इस लायक नहीं तो तुम मुझे मना कर दो मै बुरा नहीं मानूंगा !
मैना को महेश अच्छा लगता था लेकिन शादी तक बात आजायेगी यह नहीं सोचा था ! मैना ने परिस्थिति को सम्हालते हुए कहा कुछ कठिन फैसला लेने से पहले मेरा गाला सूख जाता है तुम प्लीज तीन फ्रूटी ले के आओ जल्दी से ! महेश जल्दी से भागा फ्रूटी लेने ! इतने में मैना ने माको पास बुलाकर उसको सब बात बताई ! जब महेश वापस आया तो मैना ने ,कहा महेश यह मेरी माँ है महेश ने माताजी को प्रणाम कर कहा हम दोनों पुराने मित्र है !
रमा देबी ने कहा बेटा कल शाम को तुम मेरे घर आ सकते हो ! महेश बोला अबश्य ! तब रमा उन दोनों को छोड़ कर अपने आसन पर आकर बैठ गई !
अब महेश ने कहा मैना तुमने मेरे प्रस्ताब का कोई उत्तर नहीं दिया ! मैना बोली कल तो तुम मेरे घर आ ही रहे हो !
महेश बोला नहीं अगर तुम मुझे चाहती हो तभी आऊंगा नहीं तो नहीं आऊंगा ! अब मैना बोली महेश मै तुमसे प्यार करती हूँ लेकिन मै पिता माता के अनुमति के बिना शादी नहीं कर सकती इस लिए तुम्हे फ्रूटी लेन भेजा !
लेखक डॉ प्रदीप कुमार मैत्रा १२/४/१८
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मैना इस घर की बेटी है अब २५ साल की हो गई है और लम्बाई चौड़ाई में भी काफी इज़ाफ़ा हुआ है ! सरोज बाबू बैंक में अफसर है और ठीक ठाक कमा लेते हैं ! मैना जब छोटी थी तब मैना की माँ की मिर्तु हो गई थी और रमा देबी ने सरोज बाबू का घर सम्हाला था और मैना को पूरा माँ का प्यार दिया था यहाँ तक की छोटू के पैदा होने के बाद भी प्यार में कोई कमी नहीं आई ! छोटू जिसका असली नाम चिराग है १२बी का परीक्षा देगा ! मैना बचपन से ही पढ़ने में कमजोर थी , किसी तरह बी कॉम पास कर शार्ट हैंड सीखा है ! मैना सूंदर थी और गाना भी अच्छा गाती थी ! शादी की बात चली लेकिन कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आया लड़के वाले उसके आकार को देखकर सहम जाते थे ! सरोज बाबू खाना खाकर दफ्तर चले जाते थे और मैना पुरे घर के काम में माँ को मदत करती थी ! और बाहर का काम भी करती थी जैसे छोटू को कोचिंग क्लास पहुँचाना ! सब्जी लाना किराना का सामान लाना इत्यादि ! मोहल्ले के लड़के उसे सिटी बजा कर मोटी मोटी कहते थे और उसके पास आते ही भाग जाते,सिर्फ महेश नाम का एक लड़का था जो मोटी को पसंद करता था और उसे कभी टुनटुन और कभी भोजपुरी दरवान कहता था !
महेश मैना को जो कुछ भी कहता सामने कहता था !इसलिए मैना भी उसे पसंद करती थी !
मैना की शादी की चिंता रमा देबी को अंदर से खाये जाती थी ! वह अब मैना को डांटने लगी थी कभी सबेरे अपने बिस्तर पर बेढंगी से लेटे रहने पर तो कभी जोर जोर से बात करने पर तो कभी बाजार से देर में लौटने पर ! एक दिन रमा देबी ने कहा की तू किस काम की है ? न एक नौकरी जुगाड़ सकती है और न एक पति ? तेरे साथ की सब लड़किया या तो शादी कर ससुराल गई या फिर कोई जॉब करने लगी है !
इस घटना से मैना को दुःख हुआ लेकिन उसने इसका कोई उल्टा जबाब नहीं दिया क्यू की वह माँ की मन की ब्यथा समझ सकती थी ! थोड़े दिनों के बाद एक दिन रमा के पेट में बहुत दर्द होना चालू हुआ ! मैना ने माँ को अस्पताल ले गई और आपरेशन करवाया ! रमा देबी मैना को पकड़ कर खूब रोइ और कहा बेटी मुझे माफ़ करना मैंने तेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया है ! मैना बोली माँ तुम ऐसा मत कहो नहीं तो मै भी रोने लगूंगी ! तुम्हारे मन की हालत मै जानती हूँ तुम चाहती हो की जल्दी से मेरी शादी हो जाये, लेकिन माँ भाई अभी छोटा है और मेरे बाद तुमको देखने वाला कौन है ?
इसके बाद रमा ने कभी भी मैना को उलाहना नहीं दिया !
इसके थोड़े दिन बाद मोहल्ले में बहुत बड़ा सोशल फंग्शन का आयोजन किया गया और मैना को स्टेज पर गाने का नेउता मिला और मैना ने लताजी के तीन गाना प्रस्तुत किया जिसमें "ऐ मेरे बतन के लोगो जरा आँख में भरलो पानी" को लोंगो ने खूब सराहा ताली की गरगराहट से पूरा मोहल्ला गूंज उठा !
स्टेज से उतरने के बाद पत्रकारों ने मैना को घेर लिया कहा यह कलाकार अबतक कहाँ थी ?
थोड़ीदेर बाद महेश ने मैना को निकलते देखा और उसका रास्ता रोका और उसके गाने की प्रसंशा की ! मैना ने पहले सोचा यह जरूर मुझे कुछ उटपटांग कहेगा लेकिन महेश इसका बिपरीत निकला ! वह खुश होकर थैंक्स कहा !
महेश ने कहा तुम से एक बात करनी है मैना बोली बोलो !
महेश ने कहा प्राइवेट है और ब्यक्तिगत भी है ! मैना ने महेश को एक कोने में लेजाकर बोली अब कहो ! महेश बोला मेरी मोटी मैना मै तुमसे प्यार करता हूँ और शादी करना चाहता हूँ ! अगर मै इस लायक नहीं तो तुम मुझे मना कर दो मै बुरा नहीं मानूंगा !
मैना को महेश अच्छा लगता था लेकिन शादी तक बात आजायेगी यह नहीं सोचा था ! मैना ने परिस्थिति को सम्हालते हुए कहा कुछ कठिन फैसला लेने से पहले मेरा गाला सूख जाता है तुम प्लीज तीन फ्रूटी ले के आओ जल्दी से ! महेश जल्दी से भागा फ्रूटी लेने ! इतने में मैना ने माको पास बुलाकर उसको सब बात बताई ! जब महेश वापस आया तो मैना ने ,कहा महेश यह मेरी माँ है महेश ने माताजी को प्रणाम कर कहा हम दोनों पुराने मित्र है !
रमा देबी ने कहा बेटा कल शाम को तुम मेरे घर आ सकते हो ! महेश बोला अबश्य ! तब रमा उन दोनों को छोड़ कर अपने आसन पर आकर बैठ गई !
अब महेश ने कहा मैना तुमने मेरे प्रस्ताब का कोई उत्तर नहीं दिया ! मैना बोली कल तो तुम मेरे घर आ ही रहे हो !
महेश बोला नहीं अगर तुम मुझे चाहती हो तभी आऊंगा नहीं तो नहीं आऊंगा ! अब मैना बोली महेश मै तुमसे प्यार करती हूँ लेकिन मै पिता माता के अनुमति के बिना शादी नहीं कर सकती इस लिए तुम्हे फ्रूटी लेन भेजा !
लेखक डॉ प्रदीप कुमार मैत्रा १२/४/१८
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