Monday, February 12, 2018

पति पत्नी सम्बाद

पति पत्नी सम्बाद
१]तुमने कहा --मुझे पर्बत खरीद के दोगे
मैंने कहा --   किस लिए खरीदोगे
तुम एक पत्थर उठाके ले आओगे अगर
हम उसे देवता मानेगे मंदिर में रखकर

२]अचानक तुम्हारी इच्छा हुई बाग़  खरीदने का
मैंने कहा क्या ज़रूरत है ब्यर्थ में पैसा लुटाने का
तुम बाजार से एक गुलाब लेते आना
और प्यार से मेरे जूड़े  में लगा देना

३]तुमने कहा मुझे बिदेश ले जाओगे
मैंने कहा क्यू, इससे तुम क्या पाओगे
अच्छा होगा हम जाकर बैठे नदी किनारे
और एकांत में बैठ कर सूर्यास्त को निहारे

४]जीवन है एक छोटी नौका जैसी
क्या ज़रूरत उसको मस्तूल की
तूफानी हवाओ से बचने के लिए
सिर्फ उसे दो मजबूत डॉड चाहिए

५] हम माटी से जुडे हुए आम  लोग हैं
हमें इच्छाओ पर नियंत्रण रखना है
 हमारी चाहत जितनी कम  होगी
 जीवन उतनी ही मनोरम होगी
 डॉ प्रदीप कुमार मैत्रा


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